सावित्री बाई फूले
*सावित्रीबाई फुले, महाक्रांति की जननी और आधुनिक भारत की प्रथम शिक्षिका**लेखक* सोहनलाल सिंगारिया प्राचार्य RES सामाजिक कार्यकर्ता एवं चिन्तक ब्यावर-MO-94622 60179 sohanlalsingaria@gmail.com*आज 10 मार्च है—वह ऐतिहासिक दिन जब भारतीय समाज की अज्ञानता के विरुद्ध युद्ध करने वाली महान सेनापति क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले ने मानवता की सेवा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी।* आज उनकी पुण्यतिथि पर, हम न केवल उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, बल्कि उनके उस क्रांतिकारी विचार को नमन करते हैं, जिसने करोड़ों महिलाओं और वंचितों के हाथों में 'कलम' रूपी शस्त्र थमाया।भारत का इतिहास राजाओं और युद्धों के वृत्तांतों से भरा पड़ा है, लेकिन सामाजिक परिवर्तन के इतिहास में सावित्रीबाई फुले का नाम उस ध्रुवतारे की तरह है, जिसने घोर अंधकार में भटकते समाज को दिशा दिखाई।*जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि*सावित्रीबाई का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के एक छोटे से गांव नायगांव में हुआ था। उनके पिता का नाम खन्दोजी नेवसे पाटिल और माता का नाम लक्ष्मीबाई था। मात्र 9 वर्ष की आयु में 1840 में उनका व...